Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी आ सकता है फेसबुक में क्या है वजह



Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी आ सकता है फेसबुक में क्या है वजह
सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी लाने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने एक ब्लॉकचेन डिविजन बनाया है जिसके बारे में फेसबुक के अधिकारी डेविड मार्कस ने बताया था.
फिलहाल इसके बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की है. फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी की रिपोर्ट के बाद कंपनी ने द वर्ज को दिए गए एक बयान में फेसबुक ने कहा है, ‘दूसरी कंपनियों की तरह फेसबुक भी ब्लॉकचेन टेक्नॉलॉजी में संभावनाएं तलाश कर रही है. इसके लिए एक छोटी टीम है जो इसे एक्सप्लोर कर रही है. फिलहाल हमारे पास इससे ज्यादा शेयर करने को नहीं है’
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक फेसबुक के पास फिलहाल क्वॉइन जैसा कुछ ऑफर करने का प्लान नहीं है. गौरतलब है कि ब्लॉकचेन की टीम new platform and infra के तहत काम करेगी जिसकी जिम्मेदारी कंपनी के चीफ टेक्नॉलॉजी ऑफिसर माइक शोरोफर को दी गई है. फिलहाल माइक फेसबुक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वर्चुअल रियलिटी डिपार्टमेंट संभाल रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक डेविड मार्कस फेसबुक से पहले पेपल का हिस्सा थे जो दुनिया की बड़ी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कंपनियों में से एक है. दिसंबर 2017 में वो अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी एक्स्चेंज कॉइनबेस के बोर्ड में भी शामिल हुए थे. 
सवाल ये है कि अगर फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी लाती है तो इससे कंपनी और यूजर्स का क्या फायदा होगा और यह काम कैसे करेगा. आने वाले कुछ समय में ये साफ होगा.
क्या है ब्लॉकचेन?
ब्लॉकचेन टेक्नॉलॉजी दरअसल एक तरह की ट्रांजैक्शन लिस्ट का रिकॉर्ड है (डिजिटल लेजर) जिसे क्रिप्टोग्राफी से लिंक और सिक्योर किया जाता है. हर ब्लॉक में एक हैश प्वॉइंटर होता है जो इसे दूसरे ब्लॉक से जोड़ता है. यह टेक्नॉलॉजी दो लोगों के बीच हुए ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड कर सकता है. इसमें रिकॉर्ड की जानकारियां कॉपी नहीं की जा सकती हैं. यह डेटाबेस क्लाउड पे होते हैं ताकि इसमें ना कोई छेड़छाड़ कर सके और न ही स्पेस की कमी हो. साधारण शब्दों में कहें तो ब्लॉकचेन एक टेक्नॉलॉजी है जिससे Bitcoin का भी कारोबार चलता है.

No comments:

Powered by Blogger.